अचानक से मिली भाभी की चूत

हेलो दोस्तों, मेरा नाम अली है और मैं राजकोट के पास एक छोटे से गाँव का रहने वाला हु और मेरी उम्र २८ साल है. मैं दिखने में बहुत स्मार्ट हु और कसरती बॉडी वाला हु. मुझे सेक्स की ठरक जब चडी, जब मैं १९ साल का था और मुझे मेरी भाभी को चोदने का मौका मिला. हम लोग गाँव में रहने वाले लोग है और बहुत बड़े परिवार में रहते है. कौन कहाँ पर रहता है किसी को पता ही नहीं होता था. हमारे घरो में या तो पुरुष में बुजुर्ग होते है, ये बच्चे. २०-२२ से ऊपर के लोग अक्सर बाहर शहर में काम करने चले जाते है. कई बार तो वो लोग साल में दो – दो साल नहीं आ पाते है. मेरे चचरे भाई की शादी मेरे रिश्ते की फूफी की बेटी के साथ हुई थी. हम सब एक ही घर में रहते थे पहले भी, तो ये ऐसा था, कि एक कमरे से दुसरे कमरे में शादी हुई हो. वो अब मेरी भाभी बन चुकी थी और उनका नाम शबाना था.

शबाना निहायत ही खुबसूरत लड़की थी और भाई भी कुछ कम नहीं थे और काफी अच्छे से पढ़े लिखे थे और अच्छी कंपनी में काम कर रहे थे. वो शादी के १ महीने के बाद ही काम पर चले गये और शबाना को घर ही वापस छोड़ गये. शबाना से मेरी पहले से ही अच्छी पटती थी और अब तो वो मेरी भाभी थी और मैं देवर वाला मजाक कर सकता था. शबाना ने भाई के साथ एक महीने में कुछ ही दिन सेक्स का मज़ा लिया होगा. और कहते है, कि नयी दुल्हन को अगर बीच में छोड़ दो.. तो वो भूखी शेरनी की तरह अपने शिकार को ढूंढने लगती है. मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. मैं जवान तो हो ही चूका था और मुझे सेक्स के बारे में इन्टरनेट बाबा की वजह से पता लग चूका था.

एक दिन, मैं अपने कमरे में बैठा हुआ, कुछ सेक्सी क्लिप्स देख रहा था. कि पीछे से शबाना आ गयी और मुझे आ कर पकड़ने ही वाली थी, की उसकी नज़र एकदम से कंप्यूटर पर अटक गयी. वो भी सेक्स क्लिप देखने लगी. मैंने अपना लंड बाहर निकाला हुआ था और मैं उसको अपने हाथो से मसल रहा था. मेरे लंड को देख उसकी आँखे चौड़ी हो गयी. मैं तो उसे देख कर एकदम से डर गया और एकदम से कंप्यूटर को बंद कर दिया और अपनी पेंट की जिप को बंद करने लगा. हम दोनों एक दुसरे से नज़रे नहीं मिला पा रहे थे. लेकिन मन में बेचेनी आ गयी थी. फिर शबाना बिना कुछ बोले निकल गयी. हम दोनों के बीच में दो दिन तक बात नहीं हुई और फिर एकदिन वो हुआ, जिसने मेरी सेक्स लाइफ बदल दी.

एक शाम को अम्मी बाहर गयी हुई थी और घर में भी बाकी लोग नहीं थे. मैं कमरे में ही था और कुछ समय के लिए बाथरूम में चले गया था. लेकिन शबाना को ये नहीं मालूम था. शबाना मेरे कमरे में आई और देखा, कि मैं नहीं हु और मेरे कंप्यूटर को चालू करके ब्लू फिल्म देखने लगी. तभी मैं कमरे में आ गया. वो डर गयी और एकदम से कंप्यूटर को बंद कर दिया. मुझे महसूस हुआ, कि आग दोनों तरफ बराबर लगी है. वो कुर्सी पर नज़रे झुका कर बैठी थी. मैंने अपने लंड को निकाला और उसके सामने जाकर अपने लंड को हिलाने लगा. मेरे लंड को हिलता देख कर उसकी आँखों में चमक आ गयी और फिर मुझे लगा, कि ये सही वक्त है और मैंने उसके चेहरे को एकदम से पकड़ लिया और उसके होठो पर अपने होठो को रख दिया.

मैंने उसके होठो चुसना शुरू कर दिया और उसके एक हाथ को पकड़ कर अपने गरम लंड को उसको पकड़ा दिया. मेरे गरम लंड को पकड़ कर उसके मुह से एकदम से अह्ह्ह्ह… अह्ह्हह्ह्ह्ह निकल गयी. हम दोनों को ही पता नहीं क्या होने लगा था. मैंने उसको कुर्सी पर से उठाया और खुद कुर्सी पर बैठ गया और उसको अपनी गोदी में बैठा लिया. उसके बाद, मैंने होठो को फिर से चुसना शुरू कर दिया और उसके होठो को चूसते हुए, उसके कपड़े खोलने शुरू कर दिए और उसको एक ही पल में ब्रा और पेंटी में ले आया. ओये होए.. क्या गजब का नज़ारा था. उसके गोरे बड़े बूब्स देख कर मेरा ६ इंच का लंड ७ इंच का ऊपर का हो गया.

मैंने एक ही झटके में उसकी ब्रा को खोल दिया और उसके बड़े सेक्सी बूब्स मेरे सामने लटक गये. ओह… मेरे लंड की हालत ख़राब होने लगी थी और फिर मैंने उसके दोनों बूब्स को पकड़ लिया और अपने लंड को उसके बूब्स पर घिसने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था. उसने मेरी पेंट को नीचे कर दिया और मेरे अन्डो को दबाना शुरू कर दिया. वो मस्ती में अन्डो को दबा रही थी. अब नहीं रहा जा रहा था और फिर मैंने एकदम से उसके सारे कपड़ो को उतार दिया और उसको अपने ऊपर बैठा दिया. उसकी चूत को भाई ने १ महीने में अच्छे से चोदा था, तो उसकी चूत काफी खुली हुई थी. वो जेसे ही मेरे लंड पर बैठी, मैंने अपने हाथ से अपने लंड को सीधा किया और वो मेरे लंड पर बैठ गयी. मेरा लंड सरर्र्र्रर्र्र्र करता हुआ, उसकी चूत में समां गया.

सच बताऊ दोस्तों, क्या जन्नत भरा नज़ारा था. मज़ा ही आ गया. वो मेरे लंड पर अपनी गांड को हिला रही थी. हम दोनों एक होठ जुड़े हुए थे और हम दोनों एक दुसरे को मस्ती में चूम रहे थे और मस्ती भरी आहे पुरे कमरे मे गूंज रहे थे. अचानक से उसने अकड़ना शुरू कर दिया और उसकी गांड तेजी से हिलनी शुरू हो गयी और फिर वो एकदम से ढीली पड़ गयी. मुझे अपने लंड पर गरम – गरम महसूस हुआ और अब मेरे अन्दर से मेरा वीर्य अन्दर से बाहर निकलने को बेताब था. मैंने उसके चुतड को जोर से पकड़ा और अपने लंड पर हिलाने लगा. वो एक जोर दार धक्के से मेरे लंड से मेरा वीर्य एकदम से फव्वारे की तरह उसकी चूत में छुट गया. मैंने उसको कसकर पकड़ लिया और उसको मस्ती में चूमने लगा. हम दोनों ने करीब १५ मिनट तक एक दुसरे को चूमा और अलग हो गये और अपने आप को साफ़ करके कपड़े पहन लिए.

अम्मी के आने का समय हो गया था. इसलिए हम ने जल्दी से अपने आप को ठीक किया और अब तो हम जब भी मौका मिलता है, हम चुदाई करते है और मज़ा लेते है.