मेरी बीवी की चुदाई डॉ के साथ

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मेरा नाम माही है और मैं एक एयर होस्टेस हूं। मुझे एयर होस्टेस बनने में दो साल लगे कई बार मैं रिजेक्ट होती गई लेकिन मैं फिर भी एयर होस्टेस के लिए ट्राई करती रही। आखिर एक दिन सेलेक्ट हो ही गई। उस दिन मेरी लाइफ का सबसे बड़ा दिन था मेरी पहली फ्लाइट थी। थोड़ा घबराहट सी हो रही थी लेकिन थोड़ा अच्छा भी लग रहा था। मेरे घरवाले मेरी तरक्की से बहुत खुश थे मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरा भाई है। मेरे भाई ने अभी कुछ टाइम पहले कॉलेज ज्वाइन किया है और मेरा आज फ्लाइट में पहला दिन था और मुझे कुछ ऐसी बातें याद आ रही थी जो हमारी ट्रेनिंग के दौरान हुई थी हमें ट्रेनिंग के दौरान सिखाया गया था कि लोगों को किस तरह हैंडल करना है। उनसे किस तरीके से बात करनी है हमने उस दौरान काफी कुछ सीखा था।

हमारे जितने भी ग्रुप मे लड़कियां ट्रेनिंग के दौरान एक साथ थी। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद हम सब अलग अलग फ्लाइट में थी। हम एक दूसरे को बहुत मिस कर रहे थे एक समय पहले हमारी फ्लाइट में एक लड़का आया। वैसे तो आते कई लड़के हैं लेकिन वह लड़का कुछ अलग ही था। फ्लाइट में चढ़ने के बाद जब फ्लाइट उड़ान भर रही थी तो मैंने उसे अपना फोन बंद करने को कहा। मैने उससे कहा कि आप फोन पर बात नहीं कर सकते हो लेकिन मेरे जाने के बाद उसने फिर से अपना फोन चालू कर दिया। थोड़ी देर बाद मैंने उसका फोन उससे ले लिया और कहा कि तुम्हें तुम्हारा फोन फ्लाइट लैंड होने पर मिल जाएगा। वह कुछ अजीब किस्म का लड़का था लेकिन बड़ा ही क्यूट था। वह मुझे कई बार मिला लेकिन फिर भी हम दोनों के बीच कोई भी बात नहीं हुई।

एक दिन वह लड़का दिल्ली जा रहा था और मैं भी वहीं जा रही थी। मुझे नहीं पता था कि यह कौन है और कहां जा रहा है। उसके बाद मैं अपने घर चली गई और वह भी अपने घर चले गया। कुछ दिनों बाद मुझे काम के  सिलसिले में मुंबई जाना था। जब मैं मुंबई गई तो मैंने वहां उस लडके को देखा मैंने उसे देखा कि वह थोड़ा परेशान सा लग रहा है। मैंने उसके पास जाकर उससे बोली कि तुम परेशान क्यों हो। उसने कहा कि उसके पास इससे आगे जाने के लिए पैसे नहीं है। उसका पर्स किसी ने चोरी कर लिया। मुझे इस बात पर बहुत हंसी आई। मैंने उसे कहा तुम अपना पर्स भी संभाल कर नहीं रख सकते थे क्या फिर मैं उसे अपने साथ लेकर गई। उसे थोड़े पैसे दिए उसने कहा मुझे एक महीने बाद वापस जाना है। मैंने कहा मुझे भी यहां थोड़ा टाइम लगेगा मैं भी कुछ समय बाद यहां से जांऊगी। इसी बीच हम दोनों में बहुत बातें हो गई मेरे घरवाले मेरी शादी की बात कर रहे थे तो मुझे लड़का देखने दिल्ली जाना था। हम दोनों साथ में दिल्ली गए। उसके बाद जब मैं घर पहुंची तो मुझे मेरे पापा ने बताया कि हमें कल लड़का देखने जाना है। उनके दोस्त का बेटा है जब हम घर से निकले तो हम एक होटल में गए। जहां हमें उस लड़के से मिलना था वह लड़का और उसके घरवाले पहले से ही वहां मौजूद थे।

मैंने अचानक उसे देखा और उससे कहा कि तुम यहां क्या कर रहे हो। उसने कहा कि मेरे घर वालों ने मेरी शादी के लिए लड़की देखी है और मैं इसी लिए यहां आया हूं। मैं थोड़ा दंग रह गई मैंने कहा मैं भी यहां लड़का देखने ही आई हूं। जब मेरे पापा उसके पापा से मिले तो मैं सोचने लगी कि यह उनसे क्यों मिल रहे हैं। फिर मेरे पापा ने बताया कि यह मेरे दोस्त हैं और यह उनका बेटा सूर्या है। मैं उसे देखती रह गई मैंने कहा इसे तो मैं जानती हूं। यह इससे पहले कई बार मुझे मिल चुका है।

उसके बाद से हम दोनों मिलने लगे। हमारी मुलाकात काफी होने लगी हम दोनों की फोन में भी बात होती थी और हम दोनों फोन सेक्स भी करते थे। पहले मुझे यह थोड़ा अनकंफर्टेबल और अजीब सा लगता था लेकिन बाद में मुझे यह सब अच्छा लगने लगा। मुझे भी यह था कि अब मेरी शादी  सूर्या से होने वाली है। मै अब सूर्या के साथ फोन सेक्स करने लगी। वह बहुत खुश हो जाता जब मैं उसे इस तरीके से बात करती। मैं उसे अपनी नंगी फोटो भेजने लगी थी वह मेरे स्तनों को देखता तो कहता कि तुम्हारे स्तन बहुत ही अच्छे हैं और बहुत बड़े-बड़े भी हैं। एक दिन मैंने उसे अपनी चूत की फोटो भी भेज दी। वह खुश हो गया और उसने अपने लंड की फोटो मुझे भेजी। मेरी चूत की फोटो देखकर उसने मुट्ठी मार ली थी। हमने फैसला किया कि एक दिन हम मिल लेते हैं।

मैंने उसे अपनी फ्रेंड के यहां पर बुलाया। मेरी फ्रेंड की शिफ्ट थी तो वह अपने काम पर चली गई। हम दोनों फ्लैट में अकेले ही थे। उसने मुझे कहा कि तुमने उस दिन मुझे अपनी पिंक चूत की फोटो भेजी तो मैं वह देखकर पागल हो गया। मैंने उसे बताया कि आज तक मेरी चूत की सील किसी ने भी नहीं तोड़ी है।  सूर्या कहने लगा तुम मजाक मत करो मैंने उसे कहा ठीक है। तुम ट्राई करके देख लो उसने अपना लंड बाहर निकाला और मुझे सकिंग करने को कहा पहले तो मैंने उसे मना कर दिया। मैंने उसे कहा कि मुझे यह अच्छा नहीं लगता है। इसमे बदबू आती है लेकिन उसने मुझे जबरदस्ती कहा और मैंने उसके लंड को थोड़ा सा अपने मुंह में लेते हुए ज्यादा देर तक मैंने उसके लंड को सकिंग नहीं किया। उसका पूरा लंड खड़ा हो चुका था। उसने मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेते हुए उन्हें अंदर बाहर करना शुरू किया और उसने मेरी चूत को चाटना शुरू किया। जैसे ही वह अपने लंड को मेरे चूचो पर रगडता  मुझे बहुत अच्छा लगता। उसके बाद उसने मेरी चूत मे अपने लंड से रगडना शुरू किया। जैसे ही वह मेरी चूत मे अपने लंड को रगडता तो मेरा पानी निकल रहा था और काफी तेजी से निकल रहा था। वह अपनी उंगली मेरी चूत मे अंदर डालने लगा। मैंने उसे कहा कि उंगली मत डालो।

तुम अपना लंड ही अंदर डालना उसने कहा ठीक है। उसने अपने लाल टोपी को अंदर घुसाना शुरू किया वह थोड़ा सा अंदर जा चुका था और अब उसने ऐसे ही धीरे-धीरे करके पूरा लंड अंदर तक डाल दिया। जैसे ही उसका लंड अंदर गया तो मेरी सील टूट चुकी थी और मैं चिल्लाने लगी। मैंने उसे कहा अब तुम मेरी चूत को देखो कि उसे खून निकला या नहीं उसने जैसे ही मेरी चूत को देखा तो उससे खून निकल रहा था। वह ना जाने इतना खुश क्यों हुआ और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया। मुझे ऐसे ही चोदने लगा बहुत देर तक ऐसे ही मेरे साथ करता रहा अब उसने मुझे अपने ऊपर बैठा लिया और मैंने अपनी चूतड़ों को ऊपर नीचे करना शुरू किया। मेरी बड़ी बड़ी चूतडे उसके लंड से टकराती तो उनसे आवाज निकल जाती और वो भी नीचे से धक्का मारता जाता। मैं ऊपर से उसके  धक्का मारती और वह नीचे से चोदता मुझे काफी अच्छा लग रहा था। जब वह इस तरीके से कर रहा था और मेरे खून भी पूरा उसके लंड पर टपक रहा था। उसने अपने अपने लंड को बाहर निकाला और मुझे घोड़ी बना दिया। मुझे डॉगी स्टाइल में चोदने लगा। जैसे ही उसने मुझे डॉगी स्टाइल में मेरी चूत मे लंड अंदर डाला तो मेरी दोबारा से चीख निकल पड़ी। अब इतनी तेज तेज धक्के मार रहा था कि मेरा पूरा बदन हिलता जाता।

मैं जाकर दीवार से टकरा गई उसने फिर दोबारा से मुझे खींचा और इस बार उसने कहा कि तुम अपने दोनों हाथों को दीवार पर रख लो। मैने अपने दोनों हाथों को दीवार पर रख लिया और उसने मुझे धक्का मारना शुरू किया। एक बार तो ऐसा लग रहा था कि मैं दीवार तोड़कर बाहर ही गिर जाऊंगी लेकिन वह ऐसे ही मुझे चोदता रहा। उसने मेरी योनि में ही सारा माल गिरा दिया और अब वह काफी शांत होकर बैठ गया। जैसे ही उसने बाहर निकाला तो मेरा खून भी निकल रहा था और बिल्डिंग बहुत तेज हो रही थी। हमारी शादी तो होने ही वाली थी और मैं शादी से पहले ही प्रेग्नेंट हो गई। वह मुझे बीच-बीच में चोदता भी रहता था और मैं अपने काम पर भी जाने लगी थी लेकिन मैं सिर्फ सूर्या के ख्यालों में खोई रहती थी। मैं सिर्फ यही सोचती थी कि वह कब मुझे मिलेगा और कब मुझे चोदेगा। उसके बाद हमारे घर वालों ने हमारी शादी भी करवा दी।