पड़ोस की आंटी को लंड की जरूरत

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हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? मैं उम्मीद करता हूँ की आप लोग सभी ठीक ही होगे | दोस्तों मैं आज आप लोगो के लिए अपनी एक कहानी को लेकर आया हूँ | मैं अपनी कहानी को शुरू करने से पहले आप लोगो को अपने बारे में बता देता हूँ |

मेरा नाम अखिलेश है और मैं रहने वाला कोलकाता से कुछ दुरी पर एक गांव है वहां का हूँ | मैं दिखने में काफी स्मार्ट हूँ और मेरी हाईट भी ठीक ठाक है जिससे मैं बहुत अच्छा लगता हूँ | दोस्तों मैं आप लोगो का ज्यादा टाइम न बर्बाद करते हुए सीधे कहानी को शुरू करता हूँ |

ये कहानी तब की है जब मैं पढाई करने के बाद गांव आया हुआ था | उस टाइम मेरे घर में मेरी मम्मी और मेरे पापा रहते थे | मेरे बड़े भाई जॉब की वजह से घर से बाहर रहते थे | उसी टाइम मैं घर आया था |

दोस्तों मेरे घर के पास में एक आंटी रहती थी | वो दिखने में बहुत सुन्दर और सेक्सी थी | दोस्तों मैं आप सभी लोगो को आंटी के बारे में बता देता हूँ | उनका नाम संगीता था और उनके पति की डेथ हो गयी थी जिसकी वजह से वो घर में अकेली ही रहती थी |

दोस्तों एक दिन की बात है जब मैं अपनी छत पर खड़ा था तो उस दिन वो छत पर कपडे सुखाने के लिए आई थी | उस दिन मैंने आंटी को ध्यान से देखा | वो दिखने में सुन्दर नही बहुत सुन्दर थी और उनका फिगर तो बहुत मस्त था | बड़े बड़े बूब्स जोकि देखने से ऐसा लग रहा था की वो अब बाहर निकल आएंगे अब बाहर निकल आयेंगे | आंटी की गंड भी काफी मस्त थी जोकि ऊपर को और उठी हुई थी |

उस दिन मेरे मन में आंटी की भरी जवानी के मज़े लेने की इच्छा हुई | दोस्तों उस दिन के बाद में रोज ही छत पर जाने लगा | जिससे वो जब अपनी छत पर आती तो मैं उनको देखता और आँखों से इशारे करता | मुझे इशारे करते देख वो हंश देती और वो भी इशारा करती और चली जाती | दोस्तों इस तरह से मैं और आंटी अक्सर ही छत पर दूर दूर से इशारे में बात करते |

इस तरह से कुछ दिन निकल गए | एक दिन की बात है जब मैं छत पर था और आंटी भी उस टाइम छत पर आई हुई थी | उस दिन मैं और आंटी काफी टाइम तक छत पर बैठे रहे और उस दिन आंटी ने मुझसे बात करने की कोशिश और  फिर |

आंटी – हेल्लो ?

मैं – हेल्लो |

आंटी – कैसे हो आप ?

मैं – मस्त  और आप ?

आंटी – ठीक हूँ |

मैं और आंटी ऐसे ही कुछ देर तक एक दुसरे से बात करते रहे |

फिर मैं अपने कमरे में निचे चला आया और वो अपने घर चली गयी |

दोस्तों मैं रात को आंटी के सेक्सी गंड के बारे में सोचता हुआ लेट गया और उनके बारे में सोच सोच कर मेरा लंड खड़ा हो गया | जब मेरा लंड खड़ा हो गया तो मुझसे रहा नही जा रहा था जिसकी वजह से मैं रात को ही उठ कर टॉयलेट में गया और उस रात में आंटी की गंड के बारे में सोच सोच कर मुठ मारी | जिससे उस रात मेरे लंड ने अपना मॉल निकाल दिया |

मैं उस रात मुठ मारने के बाद वापस आकार बिस्तर पर लेट गया और सो गया | जब मैं सुबह उठा तो नहा कर नाश्ता किया फिर खेत तरह घुमने चला गया | जब मैं वापस आया तो फिर छत पर गया तो देख की आंटी बैठी हुई थी |

मैं उनको बैठे देखकर छत पर गया तो वो मुझसे बोली कहाँ थे यार तुम मैं तुम्हरा कब से इंतजार कर रही थी | दोस्तों मैं उनके मुंह से ये बात सुनकर बहुत खुश हुआ और मुझे उस दिन लगा की ये भी मुझे पसंद करती है | तब मैंने पूछ ही लिया आप मेरा इंतजार क्यूँ कर रही थी |

आंटी – वो बस ऐसे ही तुम रोज दिखते थे और आज दिखे नही तभी ?

मैं – यार आज खेत तरफ घुमने चला गया था |

वो अच्छा है | फिर मैं और आंटी ऐसे ही कुछ देर तक बात करते रहे उसके बाद आंटी ने मुझसे कहा कभी घर आओ | मैं हाँ क्यूँ नही आप जब कहो तब आ जाउं |

वो ऐसे ही कुछ देर बात करती रही और उनकी बात करने के तरीके से मैं समझ गया था की ये भी मुझसे चुदना चाहती है |

दोस्तों उसके कुछ दिन के बाद की बात है जब मैं उनके घर गया तो उस दिन वो मुझे देखकर बहुत खुश हुई और मुझसे बोली आओ बैठो और मैं बैठ गया |

दोस्तों वो मेरे पडोश में तो काफी टाइम से रह रही थी पर मैं उनके घर उस दिन पहली बार गया था | वो मेरे लिए चाय बनाने गयी और जब वो जा रह थी तो मुझे इशारे मैं आने को कहा | मैं उनके इशारे का कहने का मतलब समझ गया था |

तब मैं उनके पीछे किचन में गया और उनको पीछे से पकड लिया जब मैंने उनको पकड लिया तो वो मुझसे बोली की का हुआ यार | मैं कुछ नही और उनके गले में किस करने लगा | मैं जब किस करने लगा तो वो मुझसे बोली क्या हुआ | मैं यार तुम आज बहुत अच्छी लग रही हो |

मैं क्या तुमको किस करूँ | दोस्तों वो मुझे बोली हाँ और वो जैसे ही मुझे बोली तो मैं उनको छोड़ कर उनके सर को अपने दोनों हाथो में पकड लिया और उनकी होठो पर अपनी होठो को रख दिया और चूसने लगा | वो भी मेरा साथ देती हुई किस करने लगी |

दोस्तों मैं किस करते हुए एक हाथ को उनके बूब्स पर रख दिया | जब मैंने अपने हाथ को बूब्स पर रख दिया तो वो कुछ नही बोली जिससे मुझे लगा की अब ये चुदना चाहती है | मैं तब उनके बूब्स को कपडे के ऊपर से दबाने लगा |

मैं उनको इसे ही कुछ देर तक किस करने के बाद अपने एक हाथ को चूत की तरफ बढ़ाया तो वो बोली इतनी जल्दी क्या है यार ये हम रात को करेंगे अभी चाय पीते हैं तुम रात को आना मैं तुम्हरा इंतजार करुँगी |

मैं चाय पीकर अपने घर चला आया और रात होने का इंतजार करने लगा | जब रात हो गयी तो मैं अपनी छत के रस्ते उनके घर गया | मैं जब घर गया तो वो मेरा इंतजार कर रही थी | मुझे देखकर बहुत खुश हुई और बोली मुझे लगा तुम नही आओगे |

मैं नही यार तुम बुलाओ और मैं न आऊँ ऐसा हो सकता है | फिर मैं और आंटी ऐसे ही कुछ देर बात करने के बाद मैं आंटी को उनके बेडरूम में ले गया | फिर मैं उनको अपनी बाँहों में भर लिया और उनकी होठो पर अपनी होठो को रख दिया | मैं उनकी होठो पर अपनी होठो को रख कर चूसने लगा | मैं उनकी होठो को मुंह में रख कर चूस रहा था और वो मेरा साथ देती हुई मेरी होठो को चूस रही थी |

मैं और वो ऐसे ही 5 मिनट तक एक दुसरे को किस करते रहे | उसके बाद मैंने एक एक करके उनके सारे कपडे उतार दिए जिससे वो मेरे सामने ब्रा और पैंटी में थी |

दोस्तों क्या मस्त गंड थी उनको गोल एकदम उपर की और उठी हुई | मैं उनकी गंड को हाथ में पकड कर दबा दिया और दबाते हुए उनकी ब्रा भी खोल दी | मैं उनकी ब्रा को खोलने के बाद उनके बूब्स को दबाते हुए मुंह में रख कर चूसने लगा |

मैं उनके बूब्स को चूसने के बाद अपने भी कपडे निकाल दिए | जब मैंने अपने कपडे निकाल दिए तो मेरा लंड उनके सामने आ गया | वो मेरे लंड को देखकर बोली बहुत दिन बाद आज लंड को देख रही हूँ | ये कहते हुए वो मेरे लंड को हाथ में पकड लिया और अपने मुंह में रख लिया |

फिर चूसने लगी | वो मेरे लंड को अन्दर बाहर करती हुई 5 मिनट तक जोर जोर से चुस्ती रही | मैं अपने लंड को चूसने के बाद उनकी टांगो को फैला कर उनकी चूत में अपने मुंह को घुसा दिया |

दोस्तों उनकी चूत से आने वाली भीनी भीनी खुसबू मुझे मदहोश करने लगी थी जिसकी खुसबू में मैं उनकी चूत को जीभ से चाटने लगा | मैं चूत को चाटने के साथ उनकी चूत में अपनी ऊँगली भी घुसा दी जिससे उनके मुंह से जोर जोर की आहे निकलने लगी |

तब मैंने उनकी चूत में अपने लंड को घुसा दिया | दोस्तों मैं उनकी चूत में लंड को घुसा कर जोर जोर के धक्के मारने लगा और वो मज़े लेती हुई चुदने लगी साथ में आह… उई…. उह…. की आवाजे कर रही थी |

मैं उनकी कमर को पकड कर जोरदार धक्के मार रहा था | दोस्तों मैं उनको ऐसे ही 15 मिनट तक जोरदार धक्को के साथ चोदता रहा फिर अपने लंड को निकाल कर अपने लंड का माल उनके मुंह में निकाल दिया | वो सारा माल गटक गयी |

उस दिन के बाद मैं और आंटी अक्सर मौका मिलने चुदाई करते थे जिससे मुझे चूत चोदने को मिल जाती थी और उनको लंड का सुख मिल जाता था इसलिए मैं और वो अक्सर मज़े करते थे |

दोस्तों ये थी मेरी कहानी |

धन्यवाद |