ट्रेन में चाची को घोड़ी बनाकर चोदा

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मेरा नाम रजनीश है मैं 25 साल का एक युवक हूं और एक अच्छी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता हूं। मुझे वहां पर जॉब करते हुए काफी समय हो चुका है। मेरे कॉलेज पूरे होने के तुरंत बाद ही मैं वही पर जाँब लग गया था क्योंकि मेरा कॉलेज में प्लेसमेंट हुआ था। उसके बाद से मैं उसी कंपनी में हूं और मेरी नौकरी भी बहुत अच्छे से चल रही है लेकिन मेरी शादी अभी नहीं हुई है। इस वजह से मेरा मन सेक्स करने का होता रहता है

लेकिन मैं फिलहाल मुट्ठ मार कर ही काम चलाता हूं और इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचता। लेकिन अब कुछ ज्यादा ही मन मेरा होने लगा है मेरे पिताजी भी अभी नौकरी कर रहे हैं। वह भी बहुत बिजी रहते हैं और उन्हें भी समय नहीं मिल पाता है। मेरी मां एक हाउसवाइफ है और मेरे बड़े भैया हैं जोकि विदेश में रहते हैं और वो काफी वर्षों से घर भी नहीं आए हैं। हम लोगों के घर में बहुत अच्छी बतचीत है सब लोग एक दूसरे की फीलिंग को बहुत अच्छे से समझते हैं और कुछ भी समस्या हो जाती है तो सब साथ में खड़े हो जाते हैं। मुझे यह बात बहुत अच्छी लगती है। मेरे पिताजी के एक छोटे भाई हैं जो कि हमारे पड़ोस में ही रहते हैं। उनका अपना छोटा कारोबार है और उनकी बीवी बहुत ही सुंदर और हॉट है जब भी मैं अपनी चाची को देखता हूं तो मुझे मन करता है कि मैं अभी उन्हें चोद दूंगा लेकिन रिश्तो की अहमियत मेरे जहन में आ जाती है।  मैं उनके घर भी काफी समय से नहीं गया हूं और ना ही वह लोग हमारे घर पर काफी टाइम से आए हैं। शायद वह आते भी होंगे तो तब मैं ऑफिस में ही रहता हूं। मेरी चाची की बड़े-बड़े गांड और उनके बड़े बड़े स्तन मुझे बहुत अच्छे लगते हैं। उनका फिगर एकदम सॉलिड है और वह जब भी सूट पहनती हैं तो उनका फ्रेम पूरा दिखाई देता है। मुझे यह सब देखे हुए बहुत समय हो गया तो मैंने अपनी आंखों को भी कई समय से अपनी चाची के स्तनों से नहीं सका है।

एक दिन पिताजी ने मुझसे बात रखी कि बेटा कहीं घूमने का प्लान कर लो बहुत समय हो चुका है कब से हम लोग कहीं घूमने भी नहीं गए हैं। मैंने उन्हें कहा ठीक है आप बता देना तो मैं देख लूंगा। तभी मेरी मम्मी ने कहा कि हमारे रिश्तेदारों मैं शादी है उनकी शादी इंदौर में है तो एक काम करते हैं शादी भी अटेंड कर लेंगे और वहां घूम भी लेंगे मैंने उन्हें कहा ठीक है यह तो बहुत अच्छी बात है। मैंने अपनी मम्मी से पूछा कब है उनकी शादी उन्होंने बताया कि करीबन एक महीने के बाद में है तो अभी से तुम ट्रेन की रिजर्वेशन करवा लेना ताकि कोई तकलीफ ना हो। उसके बाद मेरे पिताजी ने मुझे पूछा की मैं तुम्हारे चाचा से भी बात कर लेता हूं तो शायद तुम्हारे चाचा और चाची भी हमारे साथ चल पड़े। मैंने कहा ठीक है आप मुझे बता दीजिएगा तो मैं टिकट करवा दूंगा। मेरे पिताजी ने मेरे चाचा से पूछा होगा तो उन्होंने कहा ठीक है हम भी चल लेंगे। काफी समय हो गया है जब साथ में भी नहीं गए हैं। हमारा वहां जाने का प्लान फाइनल हो गया। मैंने सब की टिकट करवा ली हमारी ट्रेन दोपहर की थी। वह बिल्कुल समय पर चल रही थी। हम लोग स्टेशन टाइम पर पहुंच गए थे और हमने अपना सामान ट्रेन में रखा और सब एक साथ बैठ गए।

मेरे बगल में मेरी चाची बैठ गई। जिसके स्तन और गांड मुझ से टकराते तो मेरा मन विचलित हो जाता। मैं बहुत खुश भी हो रहा था कि वह मेरे बगल में बैठी हुई है और काफी समय से मैंने उसके स्तनों को देखा भी नहीं है। अब वह टॉयलेट गई तो मेरे सामने बैठ गई और जैसे ही वह थोड़ा सा झुक थी तो उसके चूचे मुझे दिखाई दे जाते। मैं उन्हें एकटक नजरों से देखता रहा अब धीरे-धीरे रात होने वाली थी।  हम लोगों ने खाने का सामान अपने साथ ही लिया हुआ था। हमने रात का खाना खाया और उसके बाद मेरे पिताजी मम्मी और चाची लोग तो सो गए। मैं अपने चाचा के साथ ऐसे ही बात करता रहा। अब उन्हें भी नींद आ रही थी तो वह भी लेट गए। मेरी चाची नीचे से ही सो रखी थी मैं भी वहीं पर लेट गया। उनकी बगल वाली बर्थ पर लेटा जैसे ही ट्रेन हिलती तो उनके स्तन भी हिल रहे थे और उनका पूरा शरीर हिल रहा था। मैं यह सब देखे जा रहा था अब मेरी नजर उनकी गांड पर पड़ी। उनकी गांड बड़ी ही तेजी से हिल रही थी। मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरा मन पूरा खराब हो रहा था।

तभी मेरी चाची भी उठ गई और वह मुझे देखने लगी। मुझसे पूछने लगी क्या तुम्हें नींद नहीं आ रही है। मैंने कहा नहीं मुझे अभी नींद नहीं आ रही है थोड़ी देर बाद सो जाऊंगा। वह बोलने लगी कि क्यों नींद नहीं आ रही है तुम शादी कर लो तो तुम्हें समय पर नींद आ जाया करेगी। मैंने कहा चाची अभी कौन शादी करेगा। उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम्हारा काम कैसे चलता है। मैंने उन्हें कहा फिलहाल तो आप जैसे लोगों के नाम की मुठ मार लेते हैं तो हमारा काम चल जाता है। वो कहने लगी अच्छा मैंने उन्हें कहा हां बस ऐसे ही काम चल रहा है। वह कहने लगी कि मुठ मारकर क्यों काम चला रहे हो मेरी चूत मार लो। मैंने कहा तो क्या आप मुझसे मरवाऐगी। वह कहने लगी क्यों नहीं अब तुम्हारे चाचा भी करते नहीं है और उनमे वह बात भी नहीं रह गई है। लेकिन मेरी जवानी खराब हो रही है उन्होंने मुझे कहा कि बाथरूम में आ जाओ।

हम दोनों बाथरूम में चले गए। जैसे हम वहां गए तो ट्रेन कुछ देर के लिए रुकी हुई थी। उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मैंने अपने कपड़े उतार दिए। अब जैसी ही ट्रेन चली तो उन्होंने मेरे लंड अपने मुंह में ले लिया और अच्छे से चूसने लगी। वह कहने लगी कि तुम्हारा लंड तुम्हारे चाचा से बड़ा है मुझे बहुत अच्छा लगा तुम्हारा लंड देखकर तुम्हारे होने वाली बीवी की तो मजे ही पड़ जाएंगे। मैंने कहा देखते हैं वह तो बाद की बात हैं। मैंने चाची को उठा लिया और उनके स्तनों को चाटने लगा। मैंने उनके पूरे शरीर को अच्छे से चाटा।

उनके गांड में भी मैंने अपनी जीभ को डाला और मैं उनकी योनि को चाट रहा था। मुझे बहुत अच्छा लगता जब मैं अपनी जीभ को उनकी चूत मे लगा रहा था उनकी पूरी चूत गिला थी। मैंने ऐसे ही उन्हें डॉगी स्टाइल में बना दिया और अपने लंड को उनकी योनि में घुसाने लगा। जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि में गया। वह बहुत तेज चिल्लाने लगी और कहने लगी मुझे तो मजा आ गया आज तेरा लंड लेकर। मैंने कहा चाची अभी तो बाकी है। हम ऐसे ही काफी देर तक करते रहे लेकिन मेरा भी मन नहीं हो रहा था। मुझे काफी अच्छा लग रहा था जब मैं उन्हें चोद रहा था। वैसे ही धक्के दिए जा रहा था और वह अपनी चूतडो को मेरी तरफ कर रही थी। एक समय ऐसा आया जब उनका तो झड गया। वह वैसे ही खड़ी रही लेकिन मेरा नहीं झड़ा मै उनकी चूत मरता रहा और उनका पूरा बदन हिलता जाता। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उनके चूतडो की तरफ देख रहा था वह बहुत ही बड़ी थी। मुझे मेरा लंड भी दिखाई दे रहा था जब वह अंदर बाहर हो रहा था। मेरी चाची मुझे कहने लगी क्या अभी तक तेरा हुआ नहीं है मैंने कहा अभी कहां हुआ है। उन्होंने अब अपनी चूत से मेरे लंड को बाहर निकाला और अपने मुंह में ले लिया।

उसे अच्छे से सकिंग करने लगी उन्होंने अच्छे से किया मुझे इतना मजा आ रहा था ऐसा लग रहा था कि वह मेरे लंड को अपने मुंह में ही रखें और ऐसे ही चुसती रहे।  मेरा माल अब भी नहीं गिरा था अब उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह से बाहर निकालते हुए वैसे ही घोड़ी बन गई और मैंने उनकी चूत मे लंड डाल दिया और मैं झटके मारने लगा। काफी देर तक मैंने ऐसे ही झटके मारे। उनकी चूत की गर्मी निकल रही थी और मेरा वीर्य भी गिर गया जैसे ही मेरा माल गिरा तो मेरा शरीर एकदम टूट गया था। मुझे ऐसा लगा कि किसी ने मुझे अंदर से चूस लिया हो। अब उन्होंने अपने कपड़े को पहनते हुए सोने चली गई। मैं भी अपने कपड़े को पहन कर आराम से लेट गया। मुझे इतनी गहरी नींद आई की सीधा सुबह ही मेरी नींद खुली। सुबह जब मैं उठा तो मेरे सामने मेरी चाची बैठी हुई थी वह मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी।